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Tuesday, 18 July 2017

यूरोपीय देशों का हिन्दू इतिहास

यूरोपीय देशों का हिन्दू इतिहास

हंगरी - यूरोप खण्ड के मध्य भाग में ऑस्ट्रिया , हंगरी आदि देश है । भारत के ऋषि शस्त्र , शास्त्रो की शिक्षा में भी निपुण होते थे । विभिन्न अस्त्रों का उल्लेख पुराण, रामायण, महाभारत में भी आया है ।

ऑस्ट्रिया देश का नाम इन्ही विभिन्न अस्त्रों से पड़ा है । ऑस्ट्रिया की राजधानी को आजकल विएना कहा जाता है । किन्तु ऑस्ट्रिया के प्राचीन साहित्य में इसका नाम (Vindovan ) बताया गया है । विंडोवन शब्द वृंदावन शब्द का अपभ्रंस है । इस प्रकार यूरोप में महाभारत काल के कई बिखरे अवशेष आज भी है ।

इतिहास अपने आप को दोहराता है, ऐसी लोकोक्ति है । तदानुसार रूस तथा अन्य यूरोपीय देश इनमे जो विरोध है इसके कारण ऑस्ट्रिया देश के दोनों ओर अपने अपने अस्त्र तैयार कर एक दूसरे को धमका रहे है ।

ऑस्ट्रिया के निकट हंगरी देश है । हंगरी यह श्रंगेरी शब्द का अपभ्रंस है । झरने आदि प्रकृति का श्रंगार होने के कारण उस देश का नाम श्रंगेरी पड़ा । "स" का" ह " उच्चारण कैसे होता है, इसका अनुमान हम सिंधु से हिन्दू बने शब्द से भी लगा सकते । सप्ताह का हफ्ता बन गया । आदि कई शब्द है । यूरोप का हंगरी , हिन्दुओ का श्रंगेरी ही था ।


पोलैंड

यूरोप खण्ड में पोलैंड नाम का भी एक देश है । इसका एक नगर है - Czesto - Chowa , इसमें एक प्राचीन देवी का स्थान है । उस देवी को Black verign कहा जाता है । जीजस की माता को " verign mary कहा जाता है । जो भारत की देवी मरियम्मा का अपभ्रंस है । यह मंदिर कुछ और नही, काली माता का ही है । बस यूरोप के विद्वानों ने आजतक अपनी उस काली माता को पहचाना नही है । काली माता का एक मंदिर बंगाल में भी है । जिसके कारण कलकत्ता नाम भी पड़ा है । यह काली माता की मूर्ति "असन गोरा " ( Asna gora ) नाम के मठ में प्रतिस्थापित है । यह तो ओर भी महत्वपूर्ण बात है। यह नाम तो स्पष्ठतः असान- गौरी यानि शंकर ओर गौरी का धोतक है । इसका अर्थ हम यह निकलते है, की वो जगह कभी भगवान शिव का महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल रहा है । इसी कारण ईसाई उसे तोड़ ना सके, ओर ईसाई रूप में उस मंदिर को उन्हें स्वीकार करना पड़ा ।

सबसे बड़ी बात यह है कि पोलैंड के लोग भारत को अपनी मातृ संस्कृति मानते है । वहां एक कहावत है :- KTO POZNAL INDIA , POZNAL COLISWIAT
जिसका अर्थ है, जिसने भारत देखा, उसने संसार देख लिया । इसी प्रकार COLISWIAT कुल-जगत का संस्कृत अपभ्रंस है ।

बल्गारिया

यह तो शब्द ही बलगरिय है । जो पूरा का पूरा संस्कृत है । बलगरिय अर्थात बल में श्रेष्ठ ।

हॉलैंड

हॉलैंड की जनता खुद को डच कहती है, जो कि दैत्य शब्द का संस्क्रत अपभ्रंस है । हॉलैंड की राजधानी का नाम Amsterdam है । जो कि अन्तर्धाम शब्द का अपभ्रंश है । सारे हॉलैंड देश का ही स्तर सागर की स्तह से नीचे होने के कारण उसे Netherland भी कहते है । यह भी संस्कृत शब्द ही है । अगर इस शब्द के आगे A लगा दिया जाए, तो यह अन्तरलेण्ड उर्फ अन्तरस्थान बन जायेगा । अन्तरस्थान ओर राजधानी का नाम दोनो ही इतिहास के लिए किंतने अर्थपूर्ण है ।

गाय को माता मानने की प्रथा

भारत के लोग जैसे गाय को माता मानते है, बेल्जियम तथा हॉलैंड में भी गाय को माता ही माना जाता है । इस हॉलैंड में गायों की कई प्राचीन मूर्तियों के नीचे लिखा था, OS MOM यानी अस्माकं माता ।